Noida: इंजीनियर मौत मामले में पुलिस के खिलाफ बयान देने वाला मोनिंद्र और उसका भाई रंगदारी में गिरफ्तार
नॉलेज पार्क कोतवाली पुलिस ने दोनों भाई मोनिंद्र और नरेंद्र को रंगदारी मांगने के आरोप में गिरफ्तार किया है

इंजीनियर युवराज मेहता केस के चश्मदीद और एसआईटी की टीम के सामने गवाही देने वाले मोनिंद्र और उसकेे भाई पर नॉलेज पार्क कोतवाली पुलिस ने गंभीर आरोप लगाए है। वीरवार को दोनों भाईयों को गिरफ्तार किया गया है। वह पानी से भरे गड्ढे में डूब रहे इंजीनियर युवराज मेहता को बचाने के दौरान चर्चा में आए थे।
नॉलेज पार्क कोतवाली पुलिस ने दोनों भाई मोनिंद्र और नरेंद्र को रंगदारी मांगने के आरोप में गिरफ्तार किया है। आरोप है कि वह रेस्टोरेंट संचालकों और ठेला लगाने वालों से हर माह 20 से 25 हजार रुपये की रंगदारी वसूलते थे। दोनों के खिलाफ पहले से कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं और मुख्य आरोपी मोनिन्द्र पर वर्ष 2025 में गुंडा एक्ट के तहत भी कार्रवाई की जा चुकी है। मोनिंदर युवराज मेहता मौत के मामले में गवाह भी है। एसआईटी ने उनके बयान भी दर्ज किए थे।।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार मोनिंदर और नरेंद्र के खिलाफ वर्ष 2024 में थाना नॉलेज पार्क में मारपीट, धमकी और अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज हुआ था। इसके अलावा वर्ष 2025 में भी दोनों के खिलाफ दो अलग-अलग मुकदमे पंजीकृत किए गए थे। इसी दौरान उनके विरुद्ध गुंडा एक्ट की कार्रवाई भी की गई थी। पुलिस यह पता लगा रही है कि रंगदारी वसूली नेटवर्क में कोई अन्य आरोपी भी शामिल था या नहीं। पुलिस क्षेत्र के व्यापारियों और रेहड़ी-पटरी संचालकों से भी जानकारी जुटा रही है ताकि अन्य पीड़ितों की पहचान की जा सके।
मोनिंद्र ऐसे आया चर्चाओं में
सेक्टर-150 में पानी से भरे गहरे गड्ढे में डूब रहे इंजीनियर युवराज मेहता को बचाने के लिए मोनिंद्र ने छलांग लगा दी थी। उस घटना के बाद स्थानीय स्तर पर उनकी काफी सराहना हुई थी। इंजीनियर युवराज मेहता केस में मनिंदर चश्मदीद गवाह बने और एसआईटी की टीम के सामने उनकी गवाही हुई थी। कुछ दौरान तमाम मीडिया चैनल को दिए इटरव्यू में उन्होंने कहा था कि उन्होंने पुलिस की लापरवाही बरतने के बयान दिए थे। इस दौरान उन्होंने पुलिस पर भी दबाव बनाने के आरोप लगाए थे। उसे दौरान पुलिस ने उनकी तमाम आरोपियों का खंडन कर दिया था।




