Noida: साउथ कोरिया की मल्टीनेशनल कंपनी में आग लगने से दो दमकल कर्मचारियों की मौत, जिला प्रशासन ने संचालन पर लगाई रोक
तीन दमकलकर्मी घायल हो गए। एक कारखाने का कर्मचारी त्रिभुवन भी आग की चपेट में आने से गंभीर रुप से झुलस गया। घटना के दौरान बड़ी संख्या में कंपनी कर्मचारी मौके पर काम कर रहे थे।

ग्रेटर नोएडा के इकोटेक-3 क्षेत्र में स्थित आईएलजेआईएन कंपनी में मंगलवार तड़के करीब तीन बजे भीषण आग लग गई। आग के दौरान लोहे के बीम और दीवार उपर से गिरने के पांच कर्मचारी मलबे में दब गए। साथ ही दो फायर टैंडर भी गिरे मलबे की वजह से क्षतिग्रस्त हो गई। हादसे में मुख्य आरक्षी चालक तीरथपाल सिंह और फायरमैन रोहित यादव की मौत हो गई है। दोनों ही बागपत के रहने वाले थे। तीरथपाल 1997 और रोहित 2016 में दमकल विभाग में भर्ती हुए थे।
वहीं, तीन दमकलकर्मी घायल हो गए। एक कारखाने का कर्मचारी त्रिभुवन भी आग की चपेट में आने से गंभीर रुप से झुलस गया। घटना के दौरान बड़ी संख्या में कंपनी कर्मचारी मौके पर काम कर रहे थे। उसी दौरान अचानक आग लग गई। दरअसल, कंपनी में मशीनें, इलेक्ट्रॉनिक चिप और अन्य मेटेरियल रखा हुआ था। जिसने तेजी के साथ आग पकड़ी। सूचना मिलने पर 10 से अधिक दमकल की गाड़ियों को मौके पर बुलाया गया। वहीं, ईकोटेक-3 दमकल विभाग में तैनात रोहित यादव और फेस—2 में तैनात तीरथपाल भी पहुंचा था। वह अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर आग पर काबू पाने का प्रयास कर रहे थे। तभी आग लगने वाली साइड की तरफ से पहले दीवार गिरी और उसके बाद भी भरभराकर आ गिरा। दीवार और बीम के मलबे ने दो गाड़ियों और दमकल कर्मचारियों को अपनी चपेट में ले लिया। ईट और अन्य मलबा गिरने से दो गाड़ियां और पांच कर्मचारी उसमें दब गए। मौके पर मौजूद और अन्य ने मलबे को हटाने शुरू किया।
कंपनी की साइड की दीवार और बीम गिरने की वजह से दमकल विभाग के मुख्य आरक्षी चालक राजपाल सिंह, फायरमैन मनीष कुमार, मुख्य आरक्षी चालक तीरथपाल सिंह, फायरमैन अमित कुमार और फायरमैन रोहित यादव उसमें दब गए। कड़ी मशक्कत के बाद रेस्क्यू अभियान चलाते हुए मलबा हटाकर चारों को निकाला गया, जबकि तीरथपाल सिंह उसमें दबे रह गए। उधर, एसडीआरएफ भी पहुंच गई।
संयुक्त जांच के बाद कंपनी के संचालन पर लगाई रोक
कंपनी में हादसे के बाद नोएडा क्षेत्र के सहायक निदेशक कारखाना एवं कारखाना निरीक्षक अंशुल तिवारी और नोएडा क्षेत्र के सहायक निदेशक कारखाना एवं बॉयलर प्रशासन राम बहादुर की टीम ने घटनास्थल का जायजा लिया। प्रशासन ने कंपनी में उत्पादन और मशीनों के संचालन पर रोक लगा दी है। जांच में सामने आया है कि आग की तेज गर्मी से स्टील का स्ट्रक्चर प्रभावित हुआ। बढ़े तापमान की वजह से स्टील में फैलाव और तेजी से सिकुड़ने के कारण मजबूती कम हुई।
दर्ज किए गए बयान
इस दौरान जांच टीम ने कंपनी प्रतिनिधियों और कर्मचारियों से पूछताछ की गई। साथ ही कंपनी हेड के लिखित बयान, मौके पर उपलब्ध भौतिक साक्ष्यों और आग के बाद भवन व मशीनरी की मौजूदा स्थिति का तकनीकी परीक्षण भी कराया गया। प्रथम तल पर स्थापित पीयूएफ रूफिंग सिस्टम, स्टील ट्रस, स्टील बीम, कॉलम और अन्य हिस्सा अधिक तापमान की वजह से बुरी तरह प्रभावित हुआ। आग के दौरान स्टील संरचना में तेजी से थर्मल एक्सपेंशन और रैपिड थर्मल कॉन्ट्रैक्शन हुआ। इससे संरचना में रेसिडुअल स्ट्रेस बढ़ने, बकलिंग होने, स्टील की यील्ड स्ट्रेंथ कम होने और भार सहने की क्षमता कम हो गई। जांच टीम के अनुसार, इससे भवन की बाहरी और आंतरिक संरचनात्मक सुरक्षा पर गंभीर असर पड़ सकता है।




