Noida: जीबीयू में चार रॉकेट की गई लॉन्चिंग, PM ने मन की बात में बेटियों की उड़ान तक अंतरिक्ष तक पहुंच रही
रॉकेट लॉन्चिंग प्रदर्शन में थ्रस्ट टेक, सिनोडिक , रमन रिसर्च और बास टेक्नोलॉजीज की टीमों ने भाग लिया। चारों टीमों ने अपने-अपने रॉकेट के प्रक्षेपण की प्रक्रिया और तकनीकी क्षमताओं का प्रदर्शन किया।

गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय (जीबीयू) में रविवार को इन स्पेस ने रॉकेट लॉन्चिंग का विशेष प्रदर्शन आयोजित किया गया।विश्वविद्यालय के फुटबॉल स्टेडियम में आयोजित इस कार्यक्रम में चार टीमों ने अपने रॉकेट के प्रक्षेपण का सफलतापूर्वक प्रदर्शन किया। कार्यक्रम ने विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं कर्मचारियों में अंतरिक्ष विज्ञान और रॉकेट तकनीक के प्रति विशेष उत्साह पैदा किया।
रॉकेट लॉन्चिंग प्रदर्शन में थ्रस्ट टेक, सिनोडिक , रमन रिसर्च और बास टेक्नोलॉजीज की टीमों ने भाग लिया। चारों टीमों ने अपने-अपने रॉकेट के प्रक्षेपण की प्रक्रिया और तकनीकी क्षमताओं का प्रदर्शन किया। जीबीयू के कुलपति प्रो. राणा प्रताप सिंह ने कहा कि रॉकेट लॉन्चिंग का यह प्रदर्शन विद्यार्थियों को अंतरिक्ष विज्ञान एवं अत्याधुनिक तकनीक को व्यावहारिक रूप से समझने का महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि जीबीयू विद्यार्थियों को केवल पाठ्यक्रम आधारित शिक्षा तक सीमित नहीं रखना चाहता, बल्कि उन्हें प्रयोग, नवाचार और अनुसंधान के माध्यम से भविष्य की तकनीकों से जोड़ने के लिए निरंतर प्रयासरत है।
स्पेस किड्ज़ इंडिया की संस्थापक डॉ. श्रीमथी केसन् ने विद्यार्थियों के उत्साह की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के व्यावहारिक प्रदर्शन युवाओं को अंतरिक्ष विज्ञान को करीब से समझने और भविष्य में इस क्षेत्र में करियर बनाने के लिए प्रेरित करते हैं।
यह रॉकेट लॉन्चिंग प्रदर्शन जीबीयू में चल रहे अंतरिक्ष विज्ञान से जुड़े विभिन्न कार्यक्रमों की श्रृंखला का हिस्सा है।
कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को अंतरिक्ष विज्ञान, रॉकेट तकनीक और आधुनिक अंतरिक्ष अनुसंधान की व्यावहारिक जानकारी प्रदान करना तथा उनमें वैज्ञानिक सोच और नवाचार की भावना को बढ़ावा देना है। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने रॉकेट लॉन्चिंग की प्रक्रिया को उत्सुकता और रोमांच के साथ देखा। रॉकेटों के प्रक्षेपण के दौरान फुटबॉल स्टेडियम में उपस्थित विद्यार्थियों और दर्शकों में विशेष उत्साह देखने को मिला।
पीएम ने मन की बात किया जिक्र
पीएम ने मन की बात में कहा कि भारत की बेटियों की शक्ति की उड़ान अब धरती तक सीमित नहीं है, बल्कि अंतरिक्ष तक पहुंच रही है। मिशन शक्तिसैट के माध्यम से 108 देशों की करीब 12 हजार छात्राओं को सैटेलाइट तकनीक और नवाचार सीखने का अवसर मिल रहा है। मुझे विश्वास है कि इनमें से अनेक छात्राएं आने वाले समय में साइंस,टेक्नोलॉजी और इनोवेशन क्षेत्र में अपनी पहचान बनाएगी। पूरी तरह छात्रों की भागीदारी तैयार एक सैटेलाइट को मून की ओर वीडियो में भेजने की तैयारी है। भारत के दूरदराज क्षेत्रों की छात्राएं भी पहल में भाग ले रही हैं। मिशन का लक्ष्य छात्राओं की भागीदारी से तैयार सैटेलाइट को चंद्रमा की कक्षा में भेजने की तैयारी करना है।




