Noida: बाढ़ को लेकर फिर अलर्ट, ओखला बैराज पर अधिकारियों और कर्मचारियों को किया सक्रिय, सात बाढ़ समिति का किया गया गठन
जहां उन्होंने सेक्टर-38 स्थित शक्ति सदन गेस्ट हाउस में बैठक कर स्थिति से निपटने के लिए समीझा बैठक की। बैठक में जिलाधिकारी समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

एक बार फिर से बारिश का सिलसिला शुरू होने के बाद जिला प्रशासन एक्टिव मोड में आ गया है। संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए वीरवार को जिले के प्रभारी मंत्री बृजेश नोएडा पहुंचे। जहां उन्होंने सेक्टर-38 स्थित शक्ति सदन गेस्ट हाउस में बैठक कर स्थिति से निपटने के लिए समीझा बैठक की। बैठक में जिलाधिकारी समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे। उन्होंने सभी विभागों को आपसी समन्वय बनाकर बाढ़ की स्थिति से निटपने के निर्देश दिए है।
जिलाधिकारी मेधा रुपम ने प्रभारी मंत्री को बताया कि यमुना और हिंडन के तटबंधों की मरम्मत, रैटहोल और गड्ढों को भरने का काम पूरा कर लिया गया है। संवेदनशील स्थानों पर मिट्टी से भरी सीमेंट की बोरियां, बल्ली और स्प्लिट स्टोन समेत जरूरी सामग्री का स्टॉक रखा गया है। ओखला बैराज और गाजियाबाद के सिंचाई कार्यालय में बाढ़ कक्ष 24 घंटे सक्रिय रहेंगे। जिले में 2 सिंचाई और 17 प्रशासनिक बाढ़ चौकियां बनाई गई हैं। ग्रामीण क्षेत्रों के लिए 7 बाढ़ समितियां गठित की गई हैं। मंत्री ने चौकियों और तटबंधों का नियमित निरीक्षण करने के निर्देश दिए।
प्रभारी मंत्री ने तीनों प्राधिकरणों एवं पुलिस विभाग के साथ प्रभावी समन्वय स्थापित करते हुए बाढ़ से बचाव एवं राहत कार्यों की तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को बाढ़ चौकियों का स्थलीय निरीक्षण करने, वहां आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई के लिए व्यवस्था दुरुस्त रखने के निर्देश दिए। बाढ़ के दौरान जलस्तर की निगरानी के लिए बाढ़ कक्ष ओखला बैराज और गाजियाबाद स्थित सिंचाई निर्माण खंड कार्यालय में बाढ़ कक्ष को 24×7 सक्रिय रखा गया है। साथ ही अधिकारियों एवं कर्मचारियों की ड्यूटी भी निर्धारित कर दी गई है। समन्वय के लिए 07 ग्रामीण बाढ़ समितियों का गठन किया गया है।


