NEET परीक्षा का मामला: शिक्षा मंत्री के बाद अब ग्रेनो वेस्ट से उठी गृहमंत्री के इस्तीफे की मांग, कांग्रेसियों ने निकाला कैंडल मार्च
कैंडल मार्च में कांग्रेस कार्यकर्ताओं, युवाओं, छात्र-छात्राओं एवं स्थानीय नागरिकों ने हाथों में मोमबत्तियां लेकर लोकतंत्र, शिक्षा और छात्रों के सम्मान की रक्षा का संकल्प लिया।

जंतर-मंतर समेत देशभर में भाजपा सरकारों द्वारा छात्रों पर बर्बरतापूर्ण लाठीचार्ज के विरोध में कांग्रेस पार्टी कार्यकर्ताओं ने कैंडल मार्च निकाला। शिक्षा मंत्री की विदाई के बाद कांग्रेसियों ने ग्रह मंत्री अमित शाह के इस्तीफे की मांग उठाई है।
कांग्रेस पार्टी के जिलाध्यक्ष दीपक भाटी चोटीवाला ने बताया कि देशभर में NEET सहित तमाम परीक्षाओं से जुड़े छात्र आज परेशान है। आए दिन पेपर लीक के मामले सामने आ रहे है। इसी के विरोध में कांग्रेसियों ने एकजुट होकर ग्रेनो वेस्ट में विशाल कैंडल मार्च निकाला गया। यह कैंडल मार्च नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर किए गए बर्बरतापूर्ण लाठीचार्ज, देश की लगातार ध्वस्त होती शिक्षा व्यवस्था, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद गृह मंत्री अमित शाह के इस्तीफे की मांग को लेकर निकाला गया है।
कैंडल मार्च में कांग्रेस कार्यकर्ताओं, युवाओं, छात्र-छात्राओं एवं स्थानीय नागरिकों ने हाथों में मोमबत्तियां लेकर लोकतंत्र, शिक्षा और छात्रों के सम्मान की रक्षा का संकल्प लिया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने “छात्रों पर अत्याचार बंद करो”, “शिक्षा बचाओ-देश बचाओ”, “तानाशाही नहीं चलेगी” तथा “अमित शाह इस्तीफा दो” जैसे नारों के साथ केंद्र सरकार के खिलाफ अपना रोष व्यक्त किया।
दीपक भाटी चोटीवाला ने कहा कि आज देश का छात्र अपने भविष्य को लेकर सबसे अधिक असुरक्षित महसूस कर रहा है। एक ओर लगातार परीक्षा पत्र लीक हो रहे हैं, परीक्षाओं की पारदर्शिता पर गंभीर प्रश्नचिन्ह लग रहे हैं, युवाओं का भविष्य अंधकार में धकेला जा रहा है। वहीं दूसरी ओर जब छात्र अपने अधिकारों और भविष्य की रक्षा के लिए लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठाते हैं तो उन्हें लाठियों से कुचलने का प्रयास किया जाता है। ग्रह मंत्री के निर्देश पर जंतर-मंतर पर छात्रों के साथ हुई बर्बरता लोकतंत्र के माथे पर एक ऐसा काला धब्बा है जिसे देश कभी नहीं भूलेगा।
उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार ने पिछले वर्षों में देश की शिक्षा व्यवस्था को पूरी तरह अव्यवस्थित कर दिया है। NEET, UGC-NET, CBSE सहित अनेक परीक्षाओं की विश्वसनीयता समाप्त होती जा रही है। करोड़ों छात्र वर्षों तक कठिन परिश्रम करते हैं, परिवार अपनी जीवन भर की जमा-पूंजी उनकी पढ़ाई पर खर्च करते हैं, लेकिन सरकार की लापरवाही, भ्रष्टाचार और अयोग्यता के कारण उनका भविष्य बार-बार संकट में पड़ जाता है।




